ई-वे बिल › ई-वे बिल की वैधता और Part B
ई-वे बिल की वैधता और Part B (गाड़ी)
ई-वे बिल के दो हिस्से होते हैं। Part A में माल और पार्टियों की जानकारी होती है; Part B में गाड़ी या ट्रांसपोर्ट डॉक्यूमेंट। घड़ी तभी चलनी शुरू होती है जब Part B पहली बार भरा जाता है।
कितने दिन चलता है
- हर 200 किमी या उसके हिस्से पर 1 दिन। ओवर-डाइमेंशनल माल (ODC) के लिए हर 20 किमी पर 1 दिन।
- एक “दिन” आधी रात को ख़त्म होता है। रात 10 बजे 150 किमी के लिए बना ई-वे बिल अगले दिन की आधी रात तक चलता है।
- सिर्फ़ Part A के साथ बने ई-वे बिल की Part B जुड़ने तक कोई वैधता नहीं होती; वैधता उसी अपडेट से गिनी जाती है।
| दूरी | सामान्य गाड़ी | ओवर-डाइमेंशनल माल |
|---|---|---|
| 200 किमी तक | 1 दिन | 10 दिन |
| 201 से 400 किमी | 2 दिन | 20 दिन |
| 801 किमी | 5 दिन | 41 दिन |
Part B बाद में, बल्क में
अक्सर इनवॉइस पहले तैयार हो जाता है और ट्रक बाद में मिलता है। ई-वे बिल बिना गाड़ी के (सिर्फ़ Part A) बना लें, फिर होम पेज पर Excel वाले हिस्से के स्टेप 4 में ई-वे बिल नंबर उनकी गाड़ियों के साथ लिखें और Download vehicle update file दबाएँ। उसे ewaybillgst.gov.in › e-Waybill › Update Vehicle Bulk पर अपलोड करें। माल दूसरी गाड़ी में जाए तब भी यही फ़ाइल चलती है (वजह चुनें: ख़राबी, माल दूसरी गाड़ी में डालना, या दूसरी वजह)।
- सड़क से हो तो गाड़ी नंबर दें (या ई-वे बिल बनाते समय ट्रांसपोर्टर की ID दें ताकि ट्रांसपोर्टर गाड़ी जोड़ दे)।
- रेल या हवाई जहाज़ से हो तो ट्रांसपोर्ट डॉक्यूमेंट का नंबर और तारीख दें (RR, एयरवे बिल)।
- जहाज़ से हो तो गाड़ी नंबर या ट्रांसपोर्ट डॉक्यूमेंट।
- Part B तभी अपडेट हो सकता है जब ई-वे बिल चालू हो और, वैधता शुरू होने के बाद, एक्सपायर होने से पहले।
एक्सटेंशन
अगर माल समय पर नहीं पहुँच पाता (ख़राबी, हादसा, माल दूसरी गाड़ी में डालना), तो ट्रांसपोर्ट के ज़िम्मेदार व्यक्ति द्वारा ई-वे बिल एक्सपायर होने से 8 घंटे पहले या बाद तक बढ़ाया जा सकता है। 1 जनवरी 2025 से ई-वे बिल की कुल उम्र, सारे एक्सटेंशन मिलाकर, पहली बार बनने से 360 दिन तक सीमित है।
कैंसल और रिजेक्ट
- बनाने वाला इसे 24 घंटे के अंदर कैंसल कर सकता है, अगर सड़क पर इसकी जाँच नहीं हुई हो।
- दूसरी पार्टी इसे 72 घंटे के अंदर, या डिलीवरी से पहले (जो पहले हो), रिजेक्ट कर सकती है।
- 1 जनवरी 2025 से पोर्टल 180 दिन से पुराने इनवॉइस या चालान का ई-वे बिल नहीं बनाता।