फ्री ई-वे बिल JSON जनरेटर (बल्क और Part B)
वह फ़ाइल बनाएँ जो ई-वे बिल पोर्टल का बल्क अपलोड मानता है: यहाँ टाइप किए इनवॉइस से, या कई इनवॉइस और चालान की Excel शीट से। सिर्फ़ Part A बनाना हो तो गाड़ी ख़ाली छोड़ें, फिर गाड़ी का पता चलने पर Part B गाड़ी फ़ाइल बनाएँ। फ़ाइल आप अपने लॉगिन से अपलोड करते हैं; हमें कुछ नहीं भेजा जाता। कई खेपें हैं? नीचे Excel अपलोड इस्तेमाल करें।
Excel से एक साथ कई ई-वे बिल, और Part B बाद में
रोज़ कई खेपें भेजते हैं, या जॉब वर्क के चालान हैं? एक Excel शीट भरें और सारे ई-वे बिल की एक फ़ाइल बनाएँ। गाड़ी अभी तय नहीं? Part A अभी बना लें, और गाड़ी का पता चलने पर गाड़ी फ़ाइल (Part B) यहीं बनाएँ।
यहाँ इनवॉइस से ई-वे बिल कैसे बनाएँ
- अपने बिज़नेस की जानकारी एक बार लिखें। GSTIN, पता, शहर, PIN कोड और राज्य। सेव किए बिज़नेस टाइप करते ही सुझाव में आ जाते हैं।
- ख़रीदार और माल जोड़ें। ख़रीदार का GSTIN (बिना रजिस्ट्रेशन वाले के लिए ख़ाली), शहर और PIN, हर आइटम का HSN कोड (4, 6 या 8 अंक), मात्रा और वैल्यू।
- “E-invoice and e-way bill” खोलें, फिर Transport details। माल भेजने की वजह, दूरी (0 = पोर्टल PIN कोड से ख़ुद निकाल लेगा), और गाड़ी नंबर या ट्रांसपोर्टर की ID।
- “Download e-way bill file” दबाएँ। कुछ छूटा हो तो एक लिस्ट बताती है क्या ठीक करना है। नहीं तो Downloads में .json फ़ाइल सेव हो जाती है।
- उसे पोर्टल पर अपलोड करें। ewaybillgst.gov.in पर साइन इन करें (रजिस्टर्ड मोबाइल पर OTP), e-Waybill › Generate Bulk खोलें, फ़ाइल चुनें और Generate दबाएँ।
- इनवॉइस ई-वे बिल नंबर के साथ प्रिंट करें। पोर्टल का नतीजा यहाँ लोड करें (या नंबर टाइप करें), Save दबाएँ, फिर Print / PDF। इनवॉइस पर ई-वे बिल नंबर और उसकी वैधता छपती है।
यह आपके लिए क्या करता है
- अपलोड से पहले जाँच: GSTIN के चेक डिजिट, PIN और शहर, HSN की लंबाई, गाड़ी नंबर का पैटर्न (भारत सीरीज़ समेत), 4,000 किमी तक की दूरी, 180 दिन से पुराने डॉक्यूमेंट।
- कई एक साथ: इनवॉइस, बिल ऑफ़ सप्लाई और डिलीवरी चालान (जॉब वर्क, अपना इस्तेमाल, प्रदर्शनी, लाइन सेल्स, SKD/CKD) एक Excel शीट से, पोर्टल के अपने नियमों के साथ कि कौन-सा डॉक्यूमेंट किस वजह के लिए चलता है।
- Part A अभी, Part B बाद में: सिर्फ़ Part A बनाने के लिए गाड़ी ख़ाली छोड़ें, फिर कई ई-वे बिल की गाड़ी अपडेट फ़ाइल एक बार में डाउनलोड करें।
- Bill to - ship to: ख़रीदार के पते से अलग पते पर जाने वाला माल वैसे भेजा जाता है जैसा पोर्टल चाहता है।
- राज्यों की सीमा पता है: आपके राज्य के अंदर की खेप उस राज्य की अपनी सीमा से कम हो तो यह बता देता है।
- आपकी भाषा में: स्क्रीन पर 24 भाषाएँ; फ़ाइल और इनवॉइस अंग्रेज़ी में ही रहते हैं, जैसा पोर्टल को चाहिए।
आपका डेटा आपके पास रहता है
आप जो भी टाइप करते हैं वह इसी डिवाइस के इसी ब्राउज़र में रहता है। कोई अकाउंट नहीं है और हमें कुछ अपलोड नहीं होता। आपके बिज़नेस, ग्राहक, सप्लायर और आइटम बाकी Nivesh Sahayak डॉक्यूमेंट टूल्स के साथ my.niveshsahayak.in के ज़रिए साझा होते हैं, इसलिए इनवॉइस या कोटेशन बनाते समय सेव की गई जानकारी यहाँ पहले से सुझाव में मिलती है।
गाइड
लोग क्या पूछते हैं
क्या यह सरकारी ई-वे बिल पोर्टल है?
नहीं। Nivesh Sahayak NIC या GSTN का हिस्सा नहीं है। यह आपके ब्राउज़र में पोर्टल के प्रकाशित बल्क फ़ॉर्मेट में फ़ाइल बनाता है; आप उसे ewaybillgst.gov.in पर अपने लॉगिन से अपलोड करते हैं और ई-वे बिल पोर्टल ही बनाता है।
क्या गाड़ी नंबर के बिना ई-वे बिल बना सकते हैं?
हाँ। सिर्फ़ Part A बनाने के लिए गाड़ी और मोड ख़ाली छोड़ें (सड़क से हो तो ट्रांसपोर्टर की ID देने पर ट्रांसपोर्टर गाड़ी जोड़ सकता है)। Part B जुड़ने तक इसकी कोई वैधता नहीं होती; Part B गाड़ी फ़ाइल Excel वाले हिस्से के स्टेप 4 में बनाएँ।
क्या डिलीवरी चालान के लिए ई-वे बिल बना सकते हैं?
हाँ, Excel शीट में: Document Type CHL के साथ Sub Supply Type Job Work, For Own Use, Exhibition or Fairs, Line Sales, SKD/CKD/Lots, Recipient Not Known या Others। चालान पर टैक्स रेट 0 होना चाहिए।
क्या ठीक ₹50,000 पर ई-वे बिल चाहिए?
नहीं। यह तब चाहिए जब वैल्यू ₹50,000 से ज़्यादा हो (GST मिलाकर)। कुछ राज्यों के अंदर सीमा ज़्यादा है, कई में ₹1 लाख।
मुझे ई-इनवॉइस बनाना पड़ता है। क्या मैं इसे इस्तेमाल कर सकता हूँ?
B2B इनवॉइस के लिए ई-वे बिल IRN से बनाएँ: e-invoice.niveshsahayak.in पर “Also make the e-way bill together with the e-invoice” पर टिक करें। चालान और बाकी माल-ढुलाई के लिए यह साइट काम आती है।
क्या मेरा डेटा किसी को भेजा जाता है?
नहीं। फ़ाइल आपके ब्राउज़र में बनती है और आपके डिवाइस पर सेव होती है। यहाँ कोई सर्वर नहीं है और पोर्टल का पासवर्ड भी नहीं माँगा जाता।